अवकास भएका प्रहरी महानिरीक्षक खापुङलाई विदेश भ्रमणमा रोक

दलित अनलाइन कार्तिक २७, २०८२

काठमाडौँ — भदौ २३ र २४ गतेको घटनासम्बन्धी जाँचबुझ गर्न बनेको आयोगले नेपाल प्रहरीका पूर्वमहानिरीक्षक (आईजीपी) र अन्य सम्बन्धित अधिकारीहरूलाई घटनाबारे छानबिनका लागि आयोगमा उपस्थित हुन निर्देशन दिएको छ।

आयोगको आज बिहीबार बसेको बैठकले तत्कालीन घटनाबारे अनुसन्धानका लागि पूर्वआईजीपी चन्द्रकुबेर खापुङलाई आयोगमा उपस्थित हुन आवश्यक देखिएकाले हालका लागि उनको विदेश भ्रमणमा रोक लगाउने निर्णय गरेको हो। खापुङ आजैदेखि सेवा निवृत भएका हुन्।

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आयोगले खापुङलाई काठमाडौं उपत्यका बाहिर जान नपाउने व्यवस्था मिलाउन सम्बन्धित निकायलाई पत्राचार गर्ने बताएको छ।

आयोगले घटनाबाट भएको क्षतिको विवरण अझै बाँकी रहेमा आयोगको ठेगानामा वा सिंहदरबारस्थित कार्यालयमा उपलब्ध गराउन सबै सम्बन्धित पक्षलाई अनुरोध गरेको छ।

आयोगका सदस्य तथा प्रवक्ता विज्ञानराज शर्मा अनुसार आयोगका निर्णय तथा सूचना गृह मन्त्रालयको वेबसाइटमा पनि हेर्न सकिने व्यवस्था गरिएको छ।

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जांचकर्ताओं को मिली संदिग्ध डायरी

अधिकारियों के अनुसार, विश्वविद्यालय की बिल्डिंग 17 में उमर के कमरा नंबर 4 और मुजम्मिल के कमरा नंबर 13 से डायरियां बरामद की गई हैं। बताया जा रहा है कि इन दोनों डायरियों में 25 लोगों के नाम का जिक्र है। इनमें से अधिकांश जम्मू कश्मीर और फरीदाबाद के रहने वाले हैं।

वहीं, इन डायरियों में 8 नवंबर से 12 नवंबर की तारीख का भी जिक्र है। इसी बीच की तारीख 10 नवंबर भी है, जब दिल्ली में लाल किला के पास ब्लास्ट हुआ था। जांचकर्ताओं ने इस डायरी में ऑपरेशन शब्द का बार-बार इस्तेमाल किया है। एक ही शब्द का बार-बार उल्लेख किसी सुनियोजित योजना का संकेत दे रहा है। बता दें कि डॉ. मुजम्मिल जिस कमरे में रहता था वहीं से पुलिस ने 360 किलोग्राम विस्फोटक बरामद किया था।

दो और वाहन तैयार कर रहे थे आतंकी

वहीं, जांच के दौरान पता चला है कि i20 और ईको स्पोर्ट के अलावा संदिग्ध विस्फोट के लिए दो और वाहन तैयार कर रहे थे। आतंकियों का लक्ष्य और बड़े हमले को अंजाम देना था।

कई शहरों में धमाकों की योजना बना रहे थे आतंकी

जांच एजेंसियों ने बताया कि ये डॉक्टर मॉड्यूल के आतंकी देश के चार शहरों को निशाना बनाने की तैयारी में थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हर एक ग्रुप के एक शहर में धमाका करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

प्रारंभिक जांच के अनुसार, संदिग्ध दो-दो के जोड़ी बना कर अलग-अलग शहरों में जाने की योजना बना रहे थे। बताया जाता है कि इसमें हर एक समूह आईईडी के साथ हमला करने की फिराक में था। (समाचार एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)

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